Rosemine Educational and Charitable Trust: A National and International Revolution in Higher Education
रोज़माइन एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट: उच्च शिक्षा में एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रांति
In a country where millions of dreams remain buried under the weight of poverty, one name has emerged as a beacon of hope — Rosemine Educational and Charitable Trust. Established with the vision of making quality higher education accessible to all, Rosemine today stands as one of the finest scholarship platforms in India, breaking the financial barriers that prevent deserving students from achieving their potential.
भारत में जहाँ लाखों युवाओं की पढ़ाई सिर्फ इसलिए अधूरी रह जाती है क्योंकि उनके पास संसाधन नहीं होते, वहाँ रोज़माइन एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट एक उम्मीद बनकर उभरा है। यह ट्रस्ट आज भारत के सबसे बेहतरीन छात्रवृत्ति प्लेटफॉर्म्स में शामिल है, जिसने हज़ारों छात्रों को सिर्फ डिग्रियाँ ही नहीं, बल्कि ज़िंदगी दी है।
Founded by visionary educationist and national career counsellor Mr. Awais Amber, Rosemine is not just a trust — it is a movement. Awais Amber, who hails from a modest background in Jehanabad, Bihar, turned his struggles into strength, and dedicated his life to education. His mission — Mission Sankalp — has touched the lives of more than 25,000 students across India through 122 different higher education courses, from engineering, paramedical, and management to law, pharmacy, fashion, and agriculture.
इस क्रांति की शुरुआत बिहार के जहानाबाद से हुई, जहाँ से श्री अवैस अंबर जी ने शिक्षा को अपना धर्म और समाज सेवा को अपना कर्म बनाया। उन्होंने “मिशन संकल्प” की नींव रखी और अब तक 25,000 से अधिक छात्रों को 122 से अधिक उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में निःशुल्क दाख़िला और छात्रवृत्ति दी है। ये छात्र इंजीनियर, डॉक्टर, नर्स, मैनेजर, शिक्षक और सरकारी अधिकारी बन चुके हैं।
What makes this mission unique is its international footprint. Rosemine has expanded its scholarship and academic support programs to countries like Nepal, Bhutan, Bangladesh, Ghana, and Nigeria. In fact, Mr. Amber was specially invited by the President of Nepal at Rajpath Bhawan as a gesture of honor for his contribution to Nepalese students — a rare and prestigious recognition that very few Indians have received.
इस मिशन की विशेषता इसकी अंतरराष्ट्रीय पहुंच भी है। नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, घाना और नाइजीरिया जैसे देशों में रोज़माइन छात्रों को स्कॉलरशिप और करियर गाइडेंस प्रदान कर रहा है। नेपाल सरकार ने श्री अवैस अंबर को राजपथ भवन में बुलाकर ‘टोकन ऑफ रिस्पेक्ट’ दिया — जो इस बात का प्रमाण है कि भारत का यह बेटा अब वैश्विक शिक्षा क्रांति का चेहरा बन चुका है।
In 2015, just eight days before his demise, the former President of India, Dr. APJ Abdul Kalam, awarded Mr. Awais Amber with the National Mentorship Award. This emotional and historical moment became a cornerstone of Rosemine’s legacy — as if Dr. Kalam passed the torch of educational nation-building into the hands of a new-age mentor.
2015 में, भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम ने श्री अंबर को राष्ट्रीय मेंटरशिप पुरस्कार से सम्मानित किया। यह सम्मान कलाम साहब की मृत्यु से ठीक आठ दिन पहले दिया गया था। यह एक ऐसा क्षण था जिसने रोज़माइन को सिर्फ एक संस्था नहीं, बल्कि डॉ. कलाम की सोच का वाहक बना दिया।
His list of recognitions continues — from receiving the Best Social Activist Award by the AICTE Chairman to being honored by the IBM CSR team for career development programs, Mr. Amber has earned respect across educational and corporate circles. He has been included in advisory councils of reputed universities and appointed as Board Director in several institutions, contributing actively to policy-making and academic innovation.
AICTE चेयरमैन ने उन्हें बेस्ट सोशल एक्टिविस्ट का अवॉर्ड दिया, वहीं IBM की CSR टीम ने उन्हें करियर डेवलपमेंट में योगदान के लिए सम्मानित किया। वे अब कई यूनिवर्सिटीज के एडवाइजरी काउंसिल में हैं और कई कॉलेजों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर भी। उनके मार्गदर्शन में शैक्षणिक नीतियों में नयापन आया है।
Through active MOUs with state government universities in Punjab, Haryana, Uttarakhand, Uttar Pradesh, Rajasthan, Odisha, and Tamil Nadu, Rosemine provides students with full admissions, accommodation support, career training, and placement guidance — all completely free of cost for eligible and deserving candidates. The initiative focuses on students from marginalized communities, including orphans, tribals, slum dwellers, and farming families.
रोज़माइन ने सात राज्यों — पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और तमिलनाडु — के प्रमुख विश्वविद्यालयों के साथ एमओयू साइन किए हैं, जिसके तहत छात्र पूरी तरह निःशुल्क पढ़ाई, हॉस्टल सुविधा, करियर ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सहायता प्राप्त करते हैं। यह सुविधा मुख्यतः वंचित वर्गों, अनाथों, आदिवासी छात्रों, किसानों के बच्चों और स्लम एरिया से आने वाले छात्रों के लिए है।
Mr. Amber is not only an administrator but also a national-level career counsellor. He travels across India to conduct seminars in rural schools, tribal belts, and border areas. Thousands of parents and students now look up to him as a mentor who brought light to their dark educational paths. For many, he is “the Kalam of the new generation.”
श्री अंबर एक प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय करियर काउंसलर भी हैं। वे गाँवों, सीमावर्ती क्षेत्रों और जनजातीय क्षेत्रों में जाकर सेमिनार, कार्यशालाएँ और काउंसलिंग सत्र करते हैं। हज़ारों छात्र और अभिभावक उन्हें “नए युग के कलाम” के रूप में मानते हैं।
Rosemine doesn’t stop at admission. It builds careers through soft-skills training, competitive exam preparation, industry workshops, and personal mentorship. Every student is given the tools to succeed — not just academically, but personally and professionally.
यह संस्थान सिर्फ दाख़िले तक सीमित नहीं है — यहाँ छात्रों को सॉफ्ट स्किल्स, कम्युनिकेशन, प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी, इंटर्नशिप और मेंटरशिप दी जाती है। हर छात्र को एक संपूर्ण व्यक्तित्व के रूप में तैयार किया जाता है।
Today, students supported by Rosemine are working in top hospitals, MNCs, startups, schools, and government offices. Their stories — from rural Bihar, hills of Uttarakhand, villages of Rajasthan to provinces of Nepal and Nigeria — speak volumes about how one man’s mission can become a nation’s transformation.
आज रोज़माइन के छात्र बड़े-बड़े अस्पतालों, मल्टीनेशनल कंपनियों, स्टार्टअप्स, स्कूलों और सरकारी विभागों में कार्यरत हैं। इनकी कहानियाँ भारत और विदेश के कोनों से आती हैं — और बताती हैं कि कैसे एक इंसान का मिशन, एक देश की दिशा बन गया।
Looking ahead, Mr. Amber has set ambitious goals. By 2030, Rosemine aims to support over 1 million students, expand to 20+ countries, launch a national digital learning platform, and develop exclusive education wings for women and tribal communities.
भविष्य की ओर बढ़ते हुए, श्री अंबर ने संकल्प लिया है कि 2030 तक 10 लाख छात्रों तक रोज़माइन पहुँचेगा, 20 से अधिक देशों में विस्तारित होगा, एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करेगा, और महिला एवं जनजातीय शिक्षा प्रकोष्ठ की स्थापना करेगा।
In Mr. Awais Amber’s words:
“This is not just my mission. It is India’s mission — a mission to ensure no child sleeps with an unfulfilled dream. I invite teachers, activists, institutions, and government bodies to join hands with us. Together, we will rise. Together, we will educate.”
श्री अवैस अंबर का संदेश है:
“यह केवल मेरा मिशन नहीं, यह भारत का मिशन है — ऐसा मिशन कि कोई भी बच्चा अधूरे सपने के साथ न सोए। मैं शिक्षकों, समाजसेवियों, संस्थाओं और सरकार से निवेदन करता हूँ — हमारे साथ जुड़िए, मिलकर शिक्षा के दीप जलाइए।”
Rosemine is not just an organization. It is a symbol of transformation, a mission of inclusion, and a movement of empowerment. It is a story where education is not sold, but gifted with dignity. It is a revolution that began with one man and now beats in the hearts of thousands.
रोज़माइन कोई साधारण संस्था नहीं, यह परिवर्तन का प्रतीक, समावेशन का संदेश और सशक्तिकरण का आंदोलन है। यह एक ऐसी कहानी है जहाँ शिक्षा बेची नहीं जाती, बल्कि सम्मानपूर्वक भेंट की जाती है। यह एक क्रांति है जो एक इंसान से शुरू हुई थी, और अब लाखों दिलों में धड़क रही है।
For scholarship enquiries and student support, visit: [www.rosemine.in]
Helpline Number: 8010786787
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